वन और काष्ठ संरक्षण प्रभाग
पृष्ठभूमि
बेंगलूर के तत्कालीन संस्थान में कई दशकों से काष्ठ का जैवनिम्नीकरण गहन अनुसंधान का विषय था और एफआरआईके कई क्षेत्रीय केन्द्रों,जहां पहले वानिकी, अनुसंधान का विषयबना हुआ था, उसने भारतीय वानिकी के शोधकर्ताओं और प्रबंधकों के मन को झकझोड़ दिया। काष्ठ विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान के गठन के साथ ही काष्ठ जैवनिम्नीकरण प्रभाग की स्थापना हुई। इस प्रभाग को नर्सरी, वनों और बागानों मेंवृक्षों, विशेषकर टिंबर के विकास और उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कीटों और रोगों की विविधता, घटना, पारिस्थितिकी और पारिस्थितिकी (बयोनोमिक्स) अध्ययन करने का कार्य सौंपा गया है। टिंबर स्थलीय और समुद्री अवस्थाओं में विभिन्न संरचनाओं के लिए एक आदर्श निर्माण पदार्थ है । हालांकि, इसका जीवों की एक किस्म द्वारा तेजी से जैवनिम्नीकरण होने की संभावना रहती है। इसलिए, जैवनिम्नीकरण से जीवित वनस्पति और काष्ठ का संरक्षण काष्ठ जैवनिम्नीकरण प्रभाग में अनुसंधान के लिए प्राथमिकता वाला क्षेत्र रहा है । तटीय और सदाबहार अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट केन्द्र होने के कारण, प्रभाग को तटीय वनों और वनस्पतियों पर अनुसंधान करने का अधिदेश प्राप्त है । हमारा नारा “स्वस्थ वन-समृद्ध भारत” है।

लक्ष्य
इस प्रभाग में बहु आयामी अनुसंधान वृक्षों और काष्ठ के संरक्षण के मुख्य लक्ष्य के साथ-साथ, जैव-विविधता, कीट-पौधा संबंध, कीट समस्याओं, काष्ठ जैवनिम्नीकरण, जैव नियंत्रण और एकीकृत कीट प्रबंधन के पहलू शामिल हैं।

महत्वपूर्ण क्षेत्र
• वन पारिस्थितिकी प्रणालियों में कीडे/कवक की जैव-वविधता
• बीज/ टिंबर के आयात द्वारा कीड़े/कवक के जैव आक्रमण
• वर्षा वन कैनोपी में जैव विविधता पर जलवायु और इसके प्रभावके मुद्दे
• वन कीट/रोग प्रबंधन के लिए जैव नियंत्रण और जैव कीटनाशक
• बागान / विदेशी काष्ठ के स्थायित्व के मूल्यांकन और संवर्धन
• काष्ठ और काष्ठ संरक्षण का जैवनिम्नीकरण

अनुसंधान गतिविधियाँ
ह्वाइट फ्लाइज की प्रजाति विविधता पर अध्ययन
वनस्पतियों के इंटोमोफौना
कैनोपी कीड़ों की विविधता
चन्दन के विशेष पैदावार में कीट विविधता
नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व में गिरे हुए लट्ठों में जाइलोफेगस कीडे /कवक की विविधता
भारत में काष्ठ कीट विविधता पर डाटाबेस
कीट और रोग प्रबंधन द्वारा वन उत्पादकता में वृद्धि।
काष्ठ और काष्ठ के उत्पादों का संरक्षण।

चलाए जा रहे अनुसंधान कार्यक्रम
1. पाउडर पोस्ट बीटल के विपरीत टिम्बर के स्थायित्व के आकलन के लिए प्रयोगशाला परीक्षण - मानकीकरण और मूल्यांकन।
2. भारतीय वातावरण में कीड़े और डीके फंगी के विपरीत आयातित काष्ठ के प्राकृतिक विपरीत रोध पर अध्ययन।
3. बगानों में उगे टिम्बर की उम्र से संबंधित स्थायित्व पर अध्ययन।
4. मकुट्टा में आकस्मिक वर्षावन कैनोपी के बीच कीड़ों द्वारा बीज प्रकोप।
5. कृषि और उसके प्रबंधन के तहत चंदनमें कीड़ों और रोग की समस्याओं पर अध्ययन।
6. दक्षिण भारत की वनस्पतियों में शाकाहारी के विशेष संदर्भ में कीट-पौधों के संबंध।
7. वन बगानों और नर्सरी में प्रमुख कीट के प्रबंधन के लिए मेटाथीजियम आधारित माइकोइन्सेक्टीसाइडके प्रचार-प्रसार प्रणाली का विकास, प्रभावकारिताऔर सुधार ।
8. दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण वन-वृक्षों के प्रमुख लेपिडोप्टेरन कीटों को प्रभावित करने वाले माइक्रोस्पोरिडिया पर अन्वेषण और जैव नियंत्रण घटक के रूप में उसकी संभावनाएं ।
9. आईडब्ल्यूआईडी -,"भारतीय काष्ठ कीट डाटाबेस” -भारत में स्वदेशी और विदेशी काष्ठ कीड़े ।बेसकीटों की विविधता पर डेटाबेस।
10. आईटीसी काष्ठ यार्ड में पाउडरपोस्ट भृंग के प्रबंधन के लिए पद्धतिपैकेज का विकास।
11. लॉग, चिप्स और साव्न बोर्डों में कीटों को नियंत्रित करने के लिए फ्यूमिगेंट के रूप में फोसफाइन ।
12. टीक हार्ट वूड बोरर, अल्क्टेरोजीस्टिया कदंबई (मूर) के प्रबंधन के लिए पद्धतिपैकेज का विकास।
13. पोंगमिआ पिन्नाटा (एल) पियरे की बायोइकोलोजी,क्षति संभावित और गेल फोर्मर्सका प्रबंधन।
14. पश्चिमी घाट के प्रमुख स्थानीय पेड़ के बीज और फल के साथ जुड़े कीड़ों एवं कवक पर अन्वेषण।
15. पर्यावरण के अनुकूल एएम कवक का उपयोग कर वानिकी प्रजातियों के रोपण भंडार का सुधार।
16. वन कैनोपी के संरक्षण के लिए पश्चिमी घाट में कैनोपी कीड़ों की विविधता का आकलन।

सम्पन्न अनुसंधान परियोजनाएँ
1. समुद्री अवस्थाओं में जीव विज्ञान, पारिस्थितिकी, आवृत्ति और जैवनिम्नीकरण घटकों के वितरण पर अन्वेषण।
2. समुद्री अवस्थाओं में जैवनिम्नीकरण के विपरीत टिम्बर की प्राकृतिक प्रतिरोध।
3. जैवनिम्नीकरण के विरुद्ध काष्ठ में संरक्षक की प्रभावकारिता का मूल्यांकन (समुद्री अवस्थाओं में)
4. समुद्री अवस्थाओं में ट्रीटेड काष्ठ संरचनाओं की सेवा काल का आकलन।
5. जैवनिम्नीकरण के नियंत्रण में बायोजेनिक यौगिकों का प्रयोग
6. जैवनिम्नीकरण नियंत्रण उपायों के पर्यावरणीय प्रभाव
7. समुद्री अवस्थाओं में जैवनिम्नीकरण जीवों का फैलाव व सघनता
8. जलीय काष्ठ संरचनाओं की सुरक्षा के लिए स्वदेशी संरक्षक और तरीकों की प्रभावकारिता। 9. स्थलीय अवस्थाओं में पारिस्थितिकी, आवृत्ति और जैव अपक्षय घटकों के वितरण पर अन्वेषण।
10. स्थलीय अवस्थाओं में दीमक, कीड़े और कवक द्वारा जैवनिम्नीकरण के विपरीत टिम्बर की प्राकृतिक प्रतिरोध।
11. काष्ठ सत्व, जल जनित परिरक्षकों अन्य पौधा डेरिवेटिव, बायोएक्टिव पदार्थों और जैविक घटकों की मदद से जैवनिम्नीकण अपक्षयका नियंत्रण।
12.अतिसंवेदनशील काष्ठ प्रजातियों के साथ जल जनित परिरक्षकों की तुलनात्मक प्रभावकारिता और अर्थ तंत्र का अध्ययन
13. कीट बोरर्स,दीमक और काष्ठ क्षयण कवक के विपरीत अतिसंवेदनशील टिम्बर के लिए रोगनिरोधी उपचार पर अध्ययन
14. समुद्री अवस्थाओं में जैवनिम्नीकरण के विपरीत विभिन्न काष्ठ और काष्ठ के उत्पादों के स्थायित्व पर अध्ययन।
15. सदाबहार और तटीय वनस्पति के जैवनिम्नीकरण पर अध्ययन
16. नर्सरी, बागान और प्राकृतिक वनों के कीटों पर अध्ययनऔर उनका नियंत्रण ।
17. भंडारण,निर्माण पदार्थ और अन्य संरचनाओं में टिंबर के कीट समस्याओंपर अध्ययनऔर उनका नियंत्रण।
18. नर्सरी, बागान और प्राकृतिक वनों पौधों की बीमारी पर अध्ययन
19. जैव उर्वरक पर अध्ययन
20. स्थलीय अवस्थाओं में क्षय केविपरीत विभिन्न काष्ठों और काष्ठ उत्पादों के प्राकृतिक स्थायित्व पर अध्ययन
21. काष्ठ बोरर लार्वा को पालने के लिए प्रोटोकॉल का विकास।
22. वृक्षों और टिंबर पर दीमक समस्याओं का अध्ययन और परीक्षण सुविधाओं का विकास।
23. कुंदापुर, कर्नाटक वनस्पतियों के प्रबंधन और संरक्षण पर अध्ययन ।
24. वनस्पति कीटनाशकों के एक स्रोत के रूप में औषधीय और सुगंधित पौधों की क्षमता पर अन्वेषण।
25. कर्नाटक, गोवा और आंध्रप्रदेश के वनस्पतियों के इंटोमोफौना पर अध्ययन।
26. गोवा में खनिज उत्खनित मिट्टी जैसे समस्याग्रस्त साइट के इकोरेस्टोरेशन में जैव उर्वरक की भूमिका।
27. स्थलीय अवस्थाओं में स्टेनिंग और डीके फंगी पर पर्यावरण के अनुकूल संरक्षक और बायोएक्टिव पदार्थों की मदद से काष्ठ के जैव अपक्षय का नियंत्रण।
28. चंदन कोक्कसाइड्स के परजीवी जटिल बायोसिस्टमेटिक अध्ययन और जैविक नियंत्रण में उनका उपयोग।
29. टीक हार्टवुड बोरर-अल्क्टेरोजीस्टिया (कोस्सस) कदंबई मूर पर अध्ययन और उनका प्रबंधन।
30. कैनोपी कीट जैव विविधता पर अव्यवस्था का प्रभाव एवं वन स्वास्थ्य का आ
31. चंदनके चूषक कीट जटिलताओं पर अध्ययन और उनका प्रबंधन।
32. समुद्री अवस्थाओं में टिंबर के कवक जैवनिम्नीकरण की भूमिका।
33. कर्नाटक में पद्धति रूप से उपलब्ध बांस प्रजाति के कीट बोरर्स, दीमक और कवक प्रतिरोध पर अन्वेषण और उनकी सुरक्षा।
34. गोवा, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश तटीय वनस्पतियों के कीट जीव
35. दक्षिण पश्चिमी घाट केअलेरोडिड (आलेरोडिडाइ :होमोप्टेरा)जीव की विविधता पर अध्ययन।
36. भारत मेंकाष्ठ और काष्ठ उत्पादों के बायोइन्वैशन, एसपीएस उपायों और आयात ।
37. कर्नाटक में वन बीज के भंडारण के लिए पादप प्रक्रियाओं का निरीक्षण।
38. कर्नाटक में नीम के पेड़ पर चाय मच्छर बग हेलोप्टेल्टिस अंटोनिल साइन के क्षेत्र घटनाओं पर अध्ययन और इसका प्रबंधन ।
39. अपरद प्रणाली के समुदाय पारिस्थितिकी: कीड़े और नीलगिरी बायोस्फीयर रिजर्व में गिरे हुए वृक्षों के साथ जुड़े कवक।
40. चंदन के प्रमुख प्रोवेंसेस में इंटोमोफ़ौनल विविधता और उनके अंतरक्रियाओं पर अध्ययन।

प्रदत्त सेवाएं

क्रम सं.

परीक्षण का नाम

प्रभार

1.

नर्सरी कीट और रोग प्रबंधन पर प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित की जाती हैं, वानिकी के क्षेत्र में जैव उर्वरक के रूप में एएम कवक और वानिकी कार्यक्रमों मेंइसके लाभ तथा काष्ठ  जैव अपक्षय और संरक्षण ।

 

2.

कैशुअल आरगानिजम की पहचान और प्रयोग हो रहे काष्ठ  के कीट / फंगल संक्रमण के लिए उपचारात्मक उपायों का सुझाव और नर्सरी व वन प्रजाति क  बागानों के कीट रोग की समस्याँए ।

 

 

3.

काष्ठ  रोगजनकों, दीमक और पाउडर पोस्ट बीटल सहित काष्ठ  कीटों के विपरीत वाणिज्यिक काष्ठ  संरक्षक की प्रभावकारिता परीक्षण।

 

 

4.

काष्ठ  रोगज़नक़ों की पहचानऔर विभिन्न संस्थानों के लिए कवक कल्चर की आपूर्ति।

 

 

5.

वानिकी प्रजातियों को प्रभावित करने वाले ह्वाइट फ्लाइज़ की प्रामाणिक पहचान।

 

 

6.

पोस्ट द्वारा विशेष जानकारी।

 

रु. 500/-

परामर्शी:

 

 मुख्यालय में नियमित मामलों के लिए परामर्शी

वैज्ञानिक

सहायक कर्मचारी

रु. 1,000 –प्रतिदिन

रु. 300/ - प्रतिदिन

वैज्ञानिक / कर्मचारी को मुख्यालय के बाहर आमंत्रण पर परामर्शी

वैज्ञानिक

सहायक कर्मचारी

रु.2,000/ - प्रतिदिन

रु. 500/ - प्रतिदिन



सुविधाएँ और उपकरण
• इस प्रभाग में उपयोगकर्ता उद्योगों और सरकारी तथा गैर-सरकारी संगठनों को सेवाएं प्रदान करने के लिए निम्नलिखित सुविधाएँ और उपकरण उपलब्ध हैं :
• जैवनिम्नीकरण घटक (कीड़े, कवक, समुद्री बोरर्स और फौलर्स )की प्रामाणिक पहचान
• नर्सरी की उगाई तथा देखभाल और बागानों की स्थापना के लिए उपलब्ध पद्धति पैकेज।
• कीट और नर्सरी और बगानों में कीड़ों और रोगों से पेड़ों की सुरक्षा।
• कवक से टिंबर की रक्षा के लिए और भंडारण में टिंबर पर कीट बोरर आक्रमण से बचाव के लिए पेड़ों पर ट्रीटमेंट ।
• संरचनाओं और उत्पादों में काष्ठ पर फंगल और बोरर आक्रमण से बचाव ।
• स्थलीय और समुद्री अवस्थाओं में टिंबर का स्थायित्व परीक्षण।
• काष्ठ डीकेयिंग और कीटों से बचाव में काष्ठ संरक्षक और रसायनों के जैव प्रभावकारिता का मूल्यांकन।
• समुद्री वातावरण में काष्ठ के उपयोग के लिए संरक्षण प्रौद्योगिकी।
• जैव आमापन के लिए काष्ठ डिटेरियोरेटिंग जीवाणुओं की वृद्धि का रख-रखाव।
• विपरीत परिस्थिति में वानिकी प्रजातियों के बेहतर विकास के लिए बायोफर्टीलाइजर का प्रयोग ।
• वृक्ष संरक्षण विधि और बायोफर्टीलाइजर के प्रयोग पर प्रशिक्षण कार्यक्रम।
• जैवनिम्नीकरण सेसदाबहार पारिस्थितिकी प्रणालियों का संरक्षण और प्रबंधन ।
• कटमरैन, मछली पकड़ने के क्राफ्ट और समुद्री संरचनाओं के लिए काष्ठ के उपयोगपर सलाह।
• संस्थान की प्रयोगशालाओं में एंटोमोलोजिकल अध्ययन के लिए एक अच्छे बायोचेंबर उपकरण की सुविधा है।
• विश्व बैंक से सहायता प्राप्त परियोजना के अंतर्गत विशाखापत्तनम में काष्ठ जैवनिम्नीकरण पर अध्ययन के लिए एक तटीय प्रयोगशाला स्थापित किया गया है । जर्मप्लाज्म बैंक, प्रोवेंसेस, प्रोजेन्सी ट्राइल,गुणन उद्यान और बीज बगीचों की स्थापना के लिए कर्नाटक में 40 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया गया है। हैदराबाद में विश्व बैंक की सहायता से एक नया आईसीएफआरई अनुसंधान केंद्र 100 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जा रहा है।

अनुसंधान कर्मचारी:
1. डॉ आर. सुन्दरराज, वैज्ञानिक-जी और प्रभाग प्रमुख
2. डॉ. मुत्तुकुमार अरुणाचलम, वैज्ञानिक-डी
3. श्री राजा ऋषि, वैज्ञानिक-डी
4. श्रीमती जी. विजयलक्ष्मी, अनुसंधान अधिकारी ग्रेड- II
5. श्रीमती शालिनी पी राव, अनुसंधान सहायक, ग्रेड –I
6. श्री बी.लिंगप्पा, अनुसंधान सहायक, ग्रेड- II
7. सुश्री एन ममता, टीए ग्रेड सी (सामान्य)
8. श्री एम.आर. कृष्णमूर्ति, उ.श्रे. लि.

अधिक जानकारी के लिएकृपया संपर्क करें:
प्रधान
वन और काष्ठ संरक्षण विभाग
काष्ठ विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान
पोस्ट- मल्लेश्वरम
बेंगलुरू-560 003 (भारत)
ई-मेल: wbd_iwst@icfre.org
टेलीफोन: 080-22190169; 080-22190171
 
   
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