वनोत्पाद रसायन प्रभाग
पृष्ठभूमि
भारत में उपजाऊ विविधता वाली मिट्टी, जलवायु और अन्य पारिस्थितिक कारक हैं जो इसे विशाल वन संपदा के साथ समृद्ध बनाता हैऔर इसलिए यह 12 मेघा जैव विविधतावाले देशों में से एक के रूप में पहचाना जाता है। हाल ही में किए गए अध्ययन के अनुसार, भारतीय वनस्पति में लगभग 50,000 पौधों की प्रजातियों के होने का अनुमान है। काष्ठ के अलावा, पौधों से हमें अन्य बहुमूल्य उत्पाद जैसे दवाएँ, खाद्य और गैर खाद्य तेल, गोंद, रेजिन और ओलियो रेजिन, इत्र तेल, मसाले, कीटनाशक टैनिन और रंजक, खाद्य और औद्योगिक कार्बोहाइड्रेट और अन्य उत्पादजिसे गैर काष्ठ वन उत्पाद (एनडब्ल्यूएफपीसी) में जाना जाता है, प्राप्त होती हैं।
विश्व व्यापार में सबसे अधिक आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण गैर काष्ठ वन उन्ताद (एनडब्ल्यूएफपीसी) का अनुमानित मूल्य लगभग $ 11 अरब सालाना है। एनडबल्यूएफपीसीसे सृजित राजस्व ज्यादातर उनके असंसाधित और कच्चे रूपों से है। ऐसे एनडबल्यूएफपीसी के माध्यम से उत्पन्न आय कई गुना अधिक हो जाएगी, यदि मूल्य वर्धित उत्पादों के रूपांतरण के लिए उचित प्रौद्योगिकियों को विकसित किया जाए। मूल्य वर्धित गैर काष्ठ वन उत्पादों से 20-30% ग्रामीण लोगों की जीविका चलती है।
उपरोक्त को ध्यान में रखते हुए,वन अनुसंधान प्रयोगशाला के तहत तत्कालीन रसायन विज्ञान शाखा का सन्1938 के बाद पुनर्गठन किया गया और सन् 1988 में जब आईसीएफआरई की स्थापन हुई तब इसे काष्ठ विज्ञान और प्रौद्योगिकी, बेंगलोर में वनोत्पाद रसायन प्रभाग (सीएफपी) के रूप में उन्नत किया। इस प्रभाग का विजन, काष्ठ और गैर काष्ठ वन उत्पादों के उपयोग पर अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करना है। यह प्रभाग मुख्य रूप से चन्दन काष्ठ , नीलगिरी पत्ती तेल, जिगत छाल, होन्ने, लाल चंदन काष्ठ, गार्सिनिया एसपीपी और मिरिस्टिका फ्रेग्रेंस पर ध्यान केंद्रित करता रहा है।
यह प्रभाग जैवनाशी/औषधीय गुणों के लिए नोथापोडाइटिस निममोनियाना, गार्सिनिया इंडिका, अविसीनिया और सदाबहार प्रजाति जैसी प्रजातियों के पादप रसायन पर प्रायोगिक कार्य भी कर रहा है।

लक्ष्य
मूल्य संवर्धन के लिए मूल्य परिवर्धन, उपयोगी घटकों के अलगाव और काष्ठ और गैर-काष्ठ वन उत्पादों के उपयोग ।

महत्वपूर्ण क्षेत्र
•उपयुक्त परिरक्षकों को निर्धारित करने के लिए अपवर्तक टिम्बर के आर्थिक रूप से व्यवहार्य रासायनिक उपचार।
• पेंट / साबुन / स्नेहक / जैव-डीजल आदि खाद्य और गैर खाद्य उपयोगों के लिए वृक्ष जनित आयिल सीडस् का मूल्य परिवर्धन और मूल्यांकन
• सक्रियमुख्य घटकों के आधार पर पद्धति रूप से महत्वपूर्ण पेड़ प्रजातियों के बेहतर जीनोटाइप की पहचान और ऐसे पेड़ों के संरक्षणऔर आगे प्रसार के लिए वन विभाग को सिफारिश करना।
• प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाले पेड़ों और झाड़ियों की छाल / पत्तियों से पारिस्थितिकी के अनुकूल काष्ठ संरक्षक की खोज के लिए अन्वेषण जारी रखना ।
• तेजी से फैलाने वाले प्रजातियों से निकले रासायनिक यौगिकों के स्थिरीकरणऔर कीटनाशकों / मच्छर भगाने वाली और इस तरह के अन्य उत्पादों का विकास ।
• प्रोड्यूसर गैस से सिंथेटिक बायो-डीजल का उत्पादन।

अनुसंधान गतिविधियाँ
• नीलगिरी संकर पत्ती तेल से मूल्य वर्धित उत्पाद
• मेचीलस मैक्रन्था की बचाव के लिए छाल हटाने का वैज्ञानिक तरीका-एक घटती वन संसाधन
• जैवनाशी गतिविधि के यौगिकों की मूल्य परिवर्धन और तैयारी
• लाल चंदन –प्रसिद्ध निर्यात मूल्य का वृक्ष
• टेरोकार्पस मारसुपियम काष्ठ पर अध्ययन
• चंदन पर रिसर्च

चलाए जा रहे अनुसंधान कार्यक्रम
• पश्चिमी घाट, बाइकौरिया कौर्टलेन्सिस, मुईल अर्ग के एक जंगली खाद्य पौधे का रासायनिक अन्वेषण और प्रतिकूल माइक्रोबियल गतिविधि।
• नि:शेष चंदन पाउडर से एईएसपी तेल की उपयोगिता और रासायनिक संरचना पर अन्वेषण।
• दक्षिण भारत से एकत्रित मुकुना प्रूरिएन्स लिन्न से एल-रासायनिक पदार्थ का आकलन और अलगाव।
• जैविक संलग्नी (पौधा निष्कर्षि) द्वारा सीसीए संरक्षक में आर्सेनिक घटक के विस्थापन का संश्लेषण और अर्द्ध जैव संरक्षक का मूल्यांकन।
• गार्सीनिया इंडिका: प्रतिकूल मधुमेह गुण के लिए निष्कर्षण/सक्रिय सिद्धांत का औषधीय मूल्यांकन,फलों/एल-हाइड्रोक्सी साइट्रिक एसिड के अधिक उत्पादकता की पहचान।
• वसायुक्त तेल (fatty oil) संरचना और कम ज्ञात वृक्ष जनित तेल के बीज (टीबीओ) के उपयोग –जीवोसिया, रोटलरफोरमिस, मधुका इन्सिग्निस, शोरिया तुंबुगाइया, पोइसीलोनिओरोन इंडिकम, होपिया पर्वीफ्लोरा, मेसुया फेरिया और बालानिटेस रोकस्बर्घी।
• प्रोड्यूसर गैस से सिंथेटिक बायो-डीजल का उत्पादन।
• अगरबत्ती बाइडिंग पदार्थके रूप में जिगत को प्रतिस्थापित करने के लिए चिपकने वाला गुणों वाले पौधों की प्रजातियों की छानबिन ।

सम्पन्न अनुसंधान परियोजनाएँ
• गार्सिनिया कम्बोजिया में फल प्रकृति का आकलन और आइसोजाइम अध्ययन द्वारा आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण वनीय प्रजातियों के जेंडर की पहचान- गार्सिनिया कम्बोजिया और माइरिस्टिका फ्रेग्रेंस। (के एफ डीवित्त पोषित परियोजना)
• जैविक और औषधीय गतिविधि के लिए पौधा मूल के निष्कर्षि का प्राकृतिक उत्पाद मूल्यांकन।
• चंदन में हार्टवूड का रासायनिक प्रेरण।
• एंजाइम के आधार पर रंग अभिकर्मकों (कलर रीजेंटस) का विकास - क्षेत्र में चंदन के तेल पैदावार में फर्क के लिए सब्सट्रेट प्रतिक्रिया।
• टेरोकार्पस मारसुपियम के लिए प्रतिकूल लीचिंग उपचार का मानकीकरण
• अपमिश्रक का पता लगाने के तरीकों का विकासऔर चंदन के तेल की शुद्धता का निर्धारण।
• अपमिश्रक का पता लगाने के तरीकों का विकासऔर जिगत की शुद्धता का आकलन करने की लिए गुणवत्ता मानकों का मूल्यांकन।
• डाइसोजाइलम मालबेरिकम बेड्ड (Bedd.) काष्ठ के रासायनिक घटकों का निष्कर्षण और विभाजन।
• दक्षिण भारत के जंगल से जीमनेमा सिलवेस्टरे और हाइलैन्थस एमेरस में सक्रिय सिद्धांतों का विश्लेषण।
• पश्चिमी घाट के विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों में एम्बलिका ओफ्फिसीनालिस फल के जंगली किस्मों की छानबिन और मूल्यांकन।
• गोवा, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश राज्यों में सदाबहार जैव विविधता और पारिस्थितिकी के कम ज्ञात पहलुओं पर अन्वेषण


सम्पन्न परियोजनाओं की मुख्य विशेषताएं
• दो नए एरोमा (अम्लीय निष्कर्षित चंदन पाउडर, एईएसपी, 0.6% उपज और सॉपवूड अम्लीय, एसडबल्यूए, 0.9% उपज) निष्कर्षित चंदन पाउडर और चंदन सॉपवूड पाउडर की रासायनिक रूपांतरण से प्राप्त किया गया है। इन दोनों तेलों में तेज और भारी बादाम (Heavy almond) जैसे लक्षण का निष्कर्षण और उन प्राकृतिक चंदन तेल से अलग विशेषता तथा संरचना पाया गया। इनमें खुशबू और अन्य संबद्ध उद्योगों में समुपयोजन के लिए क्षमता है
• पैराक्वेट और ईथेरल को तीव्र हार्टवुड गठन के लिए उत्प्रेरण में प्रभावी होना पाया गया।
• पर्सिया मक्रन्था छाल के मेथनॉल अर्क, नोथापोडाइटिस निममोनियाना वुड और गार्सीनिया इंडिका फलों में औषधीय गुण पाए गए।
• डिओसियस वानिकी प्रजातियों के लिंग पहचान के लिए एक सरलक्षेत्र विधि विकसित किया गया है।
• चंदन के अत्यधिक तेल उत्पादकों की पहचान के लिए एक सरल क्षेत्र विधि विकसित किया गया है।
• यूवी स्पेक्ट्रोस्कोपी विधि का विकास चंदन के तेल और संबंधित अपमिश्रक मिश्रण में जिगत पदार्थ की प्रतिशतता का निर्धारण करने के लिए विकसित किया गया है।
• जिगत की बाइंडिंग गुण इसकी विस्कोसिटी को मापने के द्वारा अनुकूलित किया गया है। जिगत कच्चे पदार्थ तैयार बाथिस के छिलने से रोकने के लिए बहुत उपयोगी है। (150 -225 सी.पी. गूँधा (dough) बनाने के लिए आदर्श है)
• टेरोकार्पस मारसुपियम में, 1% (डब्ल्यू / वी) क्रोमियम ट्राइओक्साइड घोल को निष्कर्षित (लीचिंग), 5% (डबल्यू /वी ) स्टेनस क्लोराइड को रोकने के लिए सबसे प्रभावी पाया गया। दोनों उपचार में इष्टतम उपचार की अवधि 24 घंटे पाया गया। क्रोमियम ट्राइओक्साइड उपचरित काष्ठ हल्के हरे रंग का हो जाता है जबकि काष्ठ का मूल रंग स्टेनस क्लोराइड उपचार द्वारा बनाए रखा गया ।
• डाइसोजाइलम मालबेरिकम बेड्ड, पाउडर डाइसोजाइलम मालबेरिकम काष्ठ का जल आसवन से एक आवश्यक तेल 0.6% (डब्ल्यू/डब्ल्यू) बना। आवश्यक तेल का जीसीएमएस (GCMS) विश्लेषण में 28 महत्वपूर्ण रासायनिक यौगिकों की उपस्थिति देखी गई जिनमें से पांच प्रमुख यौगिक हैं।

सीएफपी प्रभाग में उपलब्ध विशेषज्ञता
1. गैर विनाशकारी विधि द्वारा चंदन तेल की मात्रा का आकलन।
यह यूवी स्पेक्ट्रोस्कोपी द्वारा चंदन के छोटे नमूने में चंदन तेल की मात्रा का आकलन करने के लिए एक सरल और तीव्र विधि है। यह तेल विश्लेषण हेतु हार्टवुड प्राप्त करने के लिए पेड़ों को काटने के बदले (कोर) के नमूने लेकर बड़ी संख्या में पेड़ों की स्क्रीनिंग में सहायक होगी।
2. अपमिश्रक का पता लगाने और चंदन के तेल की शुद्धता का निर्धारण करने की विधि ।
यह यूवी स्पेक्ट्रोस्कोपी का उपयोग कर अपमिश्रक मिश्रण में चन्दन तेल का आकलन के लिए एक सरल विधि है।
3. जिगत की शुद्धता का आकलन करने के लिए गुणवत्ता मानक।
यह जिगत के विस्कोसिटी की माप द्वारा इसकी चिपचिपाहट का अनुमान लगाने के लिए एक सरल मानकीकृत विधि है।
4. डायोसियस वानिकी प्रजातियों की लिंग पहचान
यह निम्नलिखित डायोसियस वानिकी प्रजातियों, गार्सीनिया गममिगतता, गार्सिनिया इंडिका, माइरिस्टिका रेगरंस और सिमोरूबा ग्लॉकाके लिंग की पहचान करने के लिए एक सरल, उपयोगकर्ता के अनुकूल क्षेत्रीय तरीका है।

प्रदत्त सेवाएं

क्रम सं.

परीक्षण का नाम

प्रभार

1.

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन द्वारा तेल  प्र​तिशत

रु.600-00

2.

तेल का पृथक्करण

रु. 1,000/- प्रति नमूना 250 ग्राम तक

3.

किसी भी एक घटक का आकलन

रु. 5000/ -

4.

प्राकृतिक उत्पादों का रासायनिक प्रसंस्करण (पौधा  डाई आदि) प्रयोगशाला स्तर अधिकतम 1 किलो पौधा  पदार्थ आवश्यक तेल के अलावा 

रु. 1,000 / - प्रति नमूना

5.

क्षेत्र आसवन इकाई का उपयोग करआवश्यक तेल की आसवन (0 किलो तक

रु. 2,000 / - प्रति नमूना

6.

पोस्ट द्वारा विशेष जानकारी

 

रु. 500/-

परामर्शी:

 मुख्यालय में नियमित मामलों के लिए परामर्शी

वैज्ञानिक

सहायक कर्मचारी

रु. 1000/- प्रतिदिन

रु. 300/ - प्रतिदिन

वैज्ञानिक / कर्मचारी को मुख्यालय के बाहर आमंत्रण पर परामर्शी

वैज्ञानिक

सहायक कर्मचारी

रु.2,000/ - प्रतिदिन

रु.  500/ - प्रतिदिन प्रतिदिन



सुविधाएँ और उपकरण
इस प्रभाग में उपयोगकर्ता उद्योगों और सरकारी तथा गैर-सरकारी संगठनों को सेवाएं प्रदान करने के लिए निम्नलिखित सुविधाएँ और उपकरण उपलब्ध हैं :
• प्रारंभिक एचपीएलसी
• एफ टी - आईआर
•गैस वर्णलेखन(क्रोमेटोग्राफी)
• यूवी स्पेक्ट्रोफोटोमीटर
• ब्रुकफील्ड विस्कोमीटर
• डिजिटल पोलरीमीटर
• अब्बेज रिफ्रक्टोमीटर
• डिजिटल पीएच मीटर

अनुसंधान कर्मचारी:
1. श्री वी.एस. शेट्टप्पनवर, वन संरक्षकएवं प्रभाग प्रमुख
2. श्री बी. एस. चंद्रशेखर, वैज्ञानिक-सी
3. डॉ. सुरेंद्र सिंह बिष्ट, वैज्ञानिक -सी
4. श्री आर. एलुमलै, वैज्ञानिक- बी
5. श्री जी. रवि कुमार, अनुसंधान अधिकारी, ग्रेड –II
6. श्री के.टी. चंद्रशेखर, अनुसंधान अधिकारी, ग्रेड –II
7. श्रीमती ममता रवींद्रा, अनुसंधान सहायक, ग्रेड-I (जनरल(
8. बी.सी. रामकृष्ण, अ. श्रे. लि.

अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:
प्रधान
वनोत्पाद रसायन प्रभाग
काष्ठ विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान
पोस्ट- मल्लेश्वरम
बेंगलुरू-560 003 (भारत)
ई-मेल: cfp_iwst@icfre.org
टेलीफोन: 080-22190190
 
   
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